Author: Anupama

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Hindi Poetry in Hindi मैं तुझे अब कल से ज़्यादा चाहती हूँ हर पल लगे..मैं तुझे..उस गुज़रे पल से ज़्यादा चाहती हूँ तेरी पलकों पे करवटें लेते..खेलते…

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