Author: Anupama

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बहुत कम आता है इनको संभालना तेरे सामने इनसे इज़हार-ए-मोहब्बत ना होगा इन्नहे चुप रहने ही दो.. जाते जाते ही जाएगा कुच्छ बचपाना अब भी बाकी है..इन…

Hindi Poetry in Hindi मैं तुझे अब कल से ज़्यादा चाहती हूँ हर पल लगे..मैं तुझे..उस गुज़रे पल से ज़्यादा चाहती हूँ तेरी पलकों पे करवटें लेते..खेलते…

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