Author: Anupama

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Hindi Shayari in Hindi बदनामियों की शिक़ायतें या रुसवाई का गिला करें आइने से भी हम..नज़रें झुकाकर मिला करें हैं रोशनी की मीत ये परछाईयाँ मेरी ना…

Hindi Shayari in Hindi होंट मोदकर खिल-खिलता बादल और उसके दाँतों से टकरा कर..बिखरते किर्णो के रेशमी धागे जाने कौन सा चुटकुला मौसम ने सुनाया इससे पहले…

Hindi Shayari in Hindi चुनते हो ख़ुद ही हम से अलग मंज़िलें अपनी फिर ख़ुद ही अपनी राहें..मेरी ओर मोड़ते हो जुड़ती है..टूटती है..यूँ ये डोर उम्मीदों…