Category: Hindi Shayari

Home / (Page 7)

Hindi Shayari /Poetry  तुझे लिखती भी हूँ रोज़..मिटाती भी हूँ रोज़ इस तरह..इन दिनों..अपने दिन मैं..गुज़ारती हूँ रोज़ रूह छिल सी जाती..जब इसमें तुझको गोदती तेरी चाहत…