Category: Hindi Shayari

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Hindi Shayari /Poetry  तुझे लिखती भी हूँ रोज़..मिटाती भी हूँ रोज़ इस तरह..इन दिनों..अपने दिन मैं..गुज़ारती हूँ रोज़ रूह छिल सी जाती..जब इसमें तुझको गोदती तेरी चाहत…

Hindi Poetry in Hindi मैं तुझे अब कल से ज़्यादा चाहती हूँ हर पल लगे..मैं तुझे..उस गुज़रे पल से ज़्यादा चाहती हूँ तेरी पलकों पे करवटें लेते..खेलते…

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