Hindi Poetry in Hindi जानता हूँ..है तू मेरी मंज़िल..और रास्ता भी फिर भी मैं हर दफ़ा..जान-बूझकर..रास्ता भटक जाता हूँ शायद तेरा हर बार..यूँ मेरा हाथ थामकर..अपने पास…

Hindi Shayari in Hindi छूकर मेरी आँखों को यूँ गुज़री तेरी नज़र रुक सी गयी पलकों पे..ढलती हुई सेहेर बेचैन सी ये रूह..नूर-ए-उल्फ़त में धूल गयी हम…